श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ
||ब्रह्मज्ञान ही अमृत है - प्रेम ही जीवन है||
ज्ञान, शिक्षा, उच्च आदर्श, पावन चरित्र, व श्री प्राणनाथ जी की ब्रह्मवाणी (निजानन्द दर्शन) के साथ साथ भारतीय संस्कृति का समाज में प्रचार करना, तथा वैज्ञानिक सिद्धान्तों पर आधारित आध्यात्मिक मूल्यों द्वारा मानव को महामानव बनाना ।
हमारी उपलब्धियाँ
4+ लाख
400,000 किमी से अधिक की यात्रा
249
भाषाओं में 60+ पुस्तकों का अनुवाद
25+ लाख
लोगों के बीच निजानन्द दर्शन के दर्शन का प्रचार-प्रसार
4,200+
कार्यक्रमों का सफल आयोजन
120+
प्रकाशित पुस्तकें
1,800+
घंटे प्रवचन व कीर्तन
दिव्य मार्गदर्शन
श्री राजन स्वामी जी का जन्म सन् १९६६ में बलिया जिले के ग्राम सीसोटार में हुआ था । आपकी माताजी का स्वभाव अत्यन्त स्नेहमयी व आध्यात्मिक है तथा आपके पिताजी ने सदा ही निर्धनों के अधिकारों की रक्षा व सामाजिक कल्याण के लिए उदारतापूर्वक अपनी सम्पत्ति व्यय की । श्री राजन स्वामी बाल्यकाल से ही परिश्रमी, अध्ययनशील, सौम्य, मृदु भाषी, तथा तीक्ष्ण बुद्धि के धनी रहे हैं । विद्यार्थी जीवन में आप सदा कक्षा मे अव्वल रहते थे तथा समय बचाकर आप अगली कक्षा की पुस्तकें भी पढ़ लिया करते थे । संस्कृत भाषा में सदा से आपकी विशेष रुचि रही है ।
पूर्व संस्कारों,यदा-कदा मिले सत्संग, तथा आध्यात्मिक ग्रन्थों से मिले दिशानिर्देशानुसार आपने पहले मन्त्र जाप, तद्पश्चात ध्यान साधना प्रारम्भ कर दी । १४ वर्ष की छोटी सी आयु में आप प्रतिदिन घर पर ४-५ घण्टे की नियमित साधना करने लगे । कठोर साधनामयी दिनचर्या व सदा परमात्मा चिन्तन में डूबे रहने के कारण आपका मन सांसारिक गतिविधियों से विरक्त रहने लगा ।

श्री राजन स्वामी जी
संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु
हमारे आध्यात्मिक ज्ञानकेन्द्र
देशभर में फैले ज्ञान और सेवा के केंद्र
वीडियो प्रवचन और सत्संग
वाणी मंथन और सत्संग के दिव्य अमृत को देखे और सुने
हमारे साहित्य
श्री तारतम वाणी पर आधारित 125+ ग्रन्थ
लेख
आध्यात्मिक ज्ञान और शिक्षा पर विचार
अनमोल विचार
आपकी आध्यात्मिक यात्रा का मार्गदर्शन करने के लिए दैनिक प्रेरणा
हमारी आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियाँ
निस्वार्थ सेवा और ध्यान में मन और हृदय को जोड़ना

पूज्य स्वामी जी के आगामी कार्यक्रम – 2026
14–20 सितंबर 2026 : श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ, सरसावा – वार्षिकोत्सव 10 अक्टूबर 2026 : सोलन, हिमाचल प्रदेश 20–25 अक्टूबर 2026 : श्री प्राणनाथ ज्ञान केंद्र, पटना जी – शरद पूर्णिमा महोत्सव 13–17 नवंबर 2026 : श्री प्राणनाथ जी मंदिर, रामनगर, नेपाल 23–29 नवंबर 2026 : दाहोद, गुजरात

SPJIN ई-गोष्ठी
आज के वैज्ञानिक चकाचौंध भरे युग में प्रत्येक व्यक्ति निरंतर भौतिक साधनों की प्राप्ति हेतु दौड़ रहा है, परंतु कुछ समय पश्चात यह अनुभव होता है कि वास्तविक सुख इन वस्तुओं में नहीं है। ये सभी क्षणिक सुख हैं, और शाश्वत, चिरस्थायी आनंद हेतु हमने कुछ नहीं किया। जब तक यह अनुभूति होती है, प्रायः बहुत देर हो चुकी होती है। तो क्यों न इस बार समय रहते स्वयं को जानें? आइए, सच्चे आनंद और उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझें। हम आपको इस आध्यात्मिक कक्षा में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित करते हैं, जहाँ किसी भी परंपरा, संप्रदाय या बंधन से मुक्त होकर आप सच्चे आनंद का अनुभव करने तथा जीवन की समस्त चिंताओं, तनाव और अंतहीन भागदौड़ से मुक्त होने की प्रक्रिया सीखेंगे। अतः तैयार हो जाइए और अवश्य सम्मिलित होइए।

SPJIN ई-संगीतालय
श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ द्वारा शास्त्रीय संगीत सीखने के इच्छुक साधकों हेतु "ऑनलाइन संगीत कक्षा" का आयोजन किया जा रहा है। यह कक्षा प्रत्येक रविवार सायं 7:00 से 8:00 बजे (IST) तक Zoom के माध्यम से आयोजित होगी। शुल्क अत्यंत न्यून है, और यह सेवा श्री प्राणनाथ कन्या गुरुकुल में समर्पित है। अधिक जानकारी व पंजीकरण हेतु रूबी वर्मा (+91 9451376329) या बानिका जी (+977 9860453361) से संपर्क करें।

SPJIN ई-गुरुकुलम
ई-गुरुकुलम बच्चों में आध्यात्मिक मूल्यों एवं ज्ञान का संचार करने के उद्देश्य से आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम है। युवा वर्ग की कक्षा प्रत्येक शुक्रवार व शनिवार सायं 8:30 से 9:00 बजे (IST) तक होती है, जबकि बाल वर्ग की कक्षा प्रत्येक शनिवार सायं 7:15 से 8:15 बजे (IST) तक होती है। कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु कृपया +91 9810399480 पर संपर्क करें। Zoom ID: 373 717 8648, Code: 25।
कार्यक्रम गैलरी
हमारे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की झलकियाँ

UP Jagni Yatra_2025
January 2024

USA Prog 2024-25
March 2024

Medical Camp
September 2023

Rajasthan jagni yatra
September 2023

Sant Sammelan
2026

University Shilanyas
2026

Gujarat jagni yatra
2026

Ball yuva shivir
2026
प्रिंट मीडिया
समाचार पत्रों में हमारी उपस्थिति
आध्यात्मिक अनुभव
जो लोग इस मार्ग पर चले, उनके हृदय से


















































